भीड़ को मस्जिद से जोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा ‘रजत शर्मा शर्म करो’

loading...

वरिष्ठ पत्रकार और समाचार चैनल इंडिया टीवी के चेयरमैन व एडिटर इन चीफ रजत शर्मा अपने एक ट्वीट को लेकर एक बार फिर से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए है, लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।

गौरतलब है कि, मुंबई के बांद्रा में मंगलवार (14 अप्रैल) की शाम को अचानक हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 2000 की संख्या में ये लोग बांद्रा स्टेशन पहुंच गए और अपने-अपने गांव जाने लिए ट्रेनों के संचालन की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि ट्रेन चलने की अफवाह के बाद ये भीड़ वहां एकत्रित हुई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तो खत्म कर दिया।

loading...

भीड़ का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मीडिया संस्थानों के कुछ लोगों ने इस भीड़ को मस्जिद से जोड़ने की कोशिश की जबकि इस भीड़ से मस्जिद या मुस्लिम समुदाय का कोई लेना देना नहीं था। बताया जा रहा है कि, बांद्रा स्टेशन के पास मस्जिद भी है। इस बीच, वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने भी इस मामले में एक ट्वीट किया जिसको लेकर वो सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए।

रजत शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा, “बांद्रा में जामा मस्जिद के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा चिंता की बात है। इन्हें किसने बुलाया? अगर ये लोग घर वापस जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे तो उनके हाथों में सामान क्यों नहीं था?”

रजत शर्मा के अपने इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया में यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं. उनके इस ट्वीट के बाद अब ट्विटर पर रजत शर्मा शर्म करो हैश टैग जमकर ट्रेंड हो रहा है.

इंडिया का रिपोर्टर नाम के यूजर ने लिखा ‘भगत शर्मा देर से घर पहुंचा,,,पत्नी ने पूछा :- खाना लगा दूँ???? या आज फिर तलवे चाट के आए हों??? फिर नीचे हैश टैग रजत शर्मा शर्म करो.

रजत शर्मा अपने इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए। एक यूजर ने लिखा, “धर्म के नाम पर मत बाँटो रजत शर्मा, वो भीड़ स्टेशन पर एकत्रित हुई है इतनी दलाली किस के लिए कर रहे हो। सब याद रखा जाएगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “हे नफरत की दुकान रजत शर्मा अपनी न सही इस ब्लू टिक की ही लाज रख लीजिए। कम से कम आपको सरकार द्वारा मिले पद्दम भूषण का ही मान रख लीजिए। भीड़ सिर्फ मुम्बई में जुटी है? सूरत में किस मस्जिद के आगे जुटे हैं वो उड़िया और बिहारी कामदार? कुछ तो न्यूट्रल खबर चलाइये चाटूकार जी!!!”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “रजत दलाल धर्म के नाम पर और कितनी दलाली करेगा, ये भीड़ स्टेशन पर इकट्टा होई थी और रजत दलाल इसे भी धर्म से जोड़ने लगे।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कितना गिरोगे कहीं खुद की नज़र में न गिर जाना।” बता दें कि, इसी तरह तमाम यूजर्स उनके इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रयाएं दे रहे है।

loading...