समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहयोगी JDS ने अपने विधायकों और नेताओ को दी ये हिदायत

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पिछले दिनों लोकसभा नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें देश के सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ब्यूरो प्रमुख को संबोधित करते हुए लिखा गया कि चैनल की तरफ से सपा के किसी भी नेता को ना बुलाया जाए। अब उन्हीं के न!क्शेकद!म पर चलते हुए कर्नाटक की सत्ताधारी पार्टी जेडीएस ने भी यही काम किया है।

दरअसल बीते शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वीकृति से यह फैसला लिया गया कि अभी तक जितने पैनलिस्ट नामित किए गए थे उन सभी का नॉमिनेशन तुरंत प्रभाव से र!द्द कर दिया। इसके साथ ही मीडिया वालों से स्पष्ट कर दिया गया है कि चैनल की तरफ से सपा के किसी भी नेता को ना बुलाया जाए।

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अब यही फैसला जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने भी लिया। जिन्होंने अपने फरमान में कहा है कि पार्टी के प्रवक्ता और विधायक टीवी ब!हस में भा!ग नहीं लेंगे और ना ही प्रिंट मीडिया को कोई बयान जारी करेंगे।

कोई भी विधायक मीडिया से बात नहीं करेगा। इसके साथ ही जेडीएस का कोई इंटरव्यू नहीं होगा। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।

यहां पर ये भी बताना ज़रूरी है की समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और बहुजन समाज पार्टी जैसे राजनीतिक द!लों का सबसे ज्यादा नु!कसान अगर किसी ने किया है तो वो है ‘मीडिया’।

इससे पहले 23 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना से पहले इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा पर बड़े सवाल ख!ड़े हो रहे हैं। निर्वाचन आयोग और प्रशासन ने ईवीएम की सुरक्षा का दा!वा किया है मगर सोशल मीडिया पर कई वीडियोज अपलोड हुए हैं, जिन्‍हें शेयर कर स!नसनी!खेज दावे किए जा रहे हैं।

कथि!त रूप से यूपी के चंदौली, डुमरियागंज, गाजीपुर, बिहार के सारण, हरियाणा के फतेहाबाद, पंजाब के वीडियोज शेयर किए जा रहे हैं। ट्विटर पर कई यूजर्स का दा!वा है कि ईवीएम के साथ छे!ड़खा!नी करने को यह सारे प्रयास किए जा रहे हैं।

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