कपिल मिश्रा ने बांद्रा की घटना को दिया सांप्रदायिक रंग तो संजय राउत ने की FIR की मांग

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आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन-2 की घोषणा की। इसके बाद अचानक मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों की भीड़ घर वापस जाने के लिए इकट्ठा हो गई है। इससे पहले दिल्ली और नोएडा के बॉर्डर पर भी अचानक घर वापस जाने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।

अब बांद्रा की इस भीड़ को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे ने जहां केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने मुंबई के बांद्रा में लॉकडाउन -2 की घोषणा के बाद इकठ्ठा हुई भीड़ के मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है।

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बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, ‘जो मुंबई में हो रहा है, हजारों लोग एक साथ एक जगह, यह बिना प्लानिंग के असंभव है। जैसे दिल्ली में बसों में भीड़ भेजी गई, मुंबई में भी वैसी ही साजिश है। ट्रेनें बंद हैं तो भीड़ स्टेशन पर कैसे आई? क्या मास मैसेजिंग हुई? कुछ लोग देश के खिलाफ बहुत गंदी साजिश कर रहे हैं।’

कपिल मिश्रा ने आगे सवाल पूछते हुए लिखा, ‘तीन बड़े कड़वे सवाल- अगर यह घर जाने वाले मजदूरों की भीड़ तो इनमें से किसी के भी पास बड़े बैग, थैले, समान क्यूं नहीं? भीड़ जामा मस्जिद के सामने क्यूं? महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक का लॉकडाउन पहले से ही घोषित था तो आज हंगामा क्यूं? ये साजिश है’

शिवसेना नेता संजय राउत ने भी मुंबई पुलिस से अपील की है की कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में हम सभी को एकजुट होना चाहिए। लेकिन कपिल मिश्रा जैसे लोग पीएम की बात भी नहीं सुन रहे हैं और बांद्रा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। मुंबई पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।”

जहां पहले ही लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रवासी मज़दूर अपने अपने घर वापस जाने के लिए बड़ी तादाद में इकठ्ठा हुए थे। लेकिन मुंबई के नज़ारे में फर्क बस इतना था कि वहां एक मस्जिद भी स्क्रीन के फ्रेम में आ रही थी।

बस फिर क्या था, नफ़रत की दुकान चलाने वाले कपिल मिश्रा के लिए ये नज़ारा किसी ऑक्सीजन से कम नहीं था। उन्होंने फौरन ही मामले में मस्जिद की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया।

उन्होंने बिना किसी सबूत के इसे मस्जिद द्वारा कि गई देश के खिलाफ साज़िश तक बता डाला। संकट के समय में कपिल मिश्रा द्वारा की गई इस शर्मनाक हरकत की जमकर आलोचना हो रही है। लोग कपिल मिश्रा को देश में नफ़रत फैलाने के लिए गिरफ़्तार किए जाने कि मांग कर रहे हैं।

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