योगी के गढ़ में महागठबंधन की थी जबरदस्त जीत हासिल, वापस पाने के लिए योगी ने लगाया दमखम

जिस गोरखपुर लोकसभा सीट से योगी आदित्यनाथ खुद पांच मर्तबा सांसद रहे, उसे उपचुनाव में गंवा!ने की टीस उन्हें अब भी स“ता रही है। गोरखपुर पर विशेष ध्यान दे रहे योगी ने अपने गढ़ को सुरक्षित रखने के लिए भोजपुरी अभिनेता रवि किशन पर दांव खेला है। रवि के ब्राह्मण होने से भाजपा गोरखपुर के ब्राह्मण मतदा!ताओं को भी साधने की पूरी कोशिश में है।

जबकि समाजवादी पार्टी गठबंधन ने यहां से राम भुआल को और कांग्रेस ने मधुसूदन को उतारा है। गोरखपुर संसदीय सीट पर मतदा!ताओं की कुल संख्या 19 लाख 28 हजार है। इनमें दो लाख 20 हजार ब्राह्मण, दो लाख 10 हजार क्षत्रिय, दो लाख वैश्य, तीन लाख 10 हजार निषाद, एक लाख 45 हजार सैंथवार, 60 हजार कायस्थ, एक लाख 30 हजार यादव, 42 हजार विश्वकर्मा, एक लाख 80 हजार मुसलमान, डेढ़ लाख जाटव, साठ हजार पासी हैं।

उपचुनाव में निषाद पार्टी के साथ गठबंधन कर समाजवादी पार्टी ने तीन लाख दस हजार निषादों को अपने पक्ष में कर इस सीट पर बड़ा उलट फेर किया था। गोरखपुर सीट पर उप चुनाव में आए अप्रत्या!शित परिणाम ने सपा और बसपा को अपनी सम्मिलित ता!कत का अहसा!स कराया था। इसी अहसास ने दोनों के बीच गठबंधन की रूपरेखा तैयार की थी।

सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव में सपा-बसपा ने गोरखपुर से राम भुआल को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि इस बार निषाद पार्टी भाजपा के पाले में आ गई है। इससे भाजपा इत्मी!नान की मुद्रा में है। लेकिन उसके इत्मीनान में सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में सपा-बसपा को मिले मत खलल पैदा कर रहे हैं।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर में पांच लाख 39 हजार 127 मत मिले थे। जबकि सपा की राजमती निषाद को दो लाख 26 हजार 344 और बसपा के राम भुवल निषाद को एक लाख 76 हजार 212 मत मिले थे।

तब सपा और बसपा ने गोरखपुर में निषाद बिरादरी के उम्मीदवार खड़े कर बिरादरी के मतों को बांट दिया था। यह गलती उन्होंने वर्ष 2018 में हुए उपचुनाव में नहीं दोहराई थी। नतीजतन सपा-बसपा के तब के अघोषित गठबंधन के प्रत्याशी प्रवीन निषाद को चार लाख 56 हजार 513 मत मिले थे और उन्होंने भाजपा के उपेंद्र शुक्ल को हराया था।

उपेंद्र शुक्ल को चार लाख 34 हजार 632 मत मिले थे। वहीं कांग्रेस को 18 हजार 858 मतों से ही संतोष करना पड़ा था। 16 मई को भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह यहां रोड शो करने जा रहे हैं। वे एक पखवाड़े पूर्व भी गोरखपुर आकर संगठन की बैठक को संबोधित कर चुके हैं।

इस बैठक में उन्होंने बूथ स्तर तक की जनकारी हासिल की है। गोरखपुर में सपा-बसपा गबंधन ने भी पूरी ताकत झों!क रखी है। अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह यहां साझा जनसभा कर उपचुनाव में मिली कामयाबी को बरकरा!र रखने की कोशिश में जुटे हैं।