करारी हार के बाद कांग्रेस ने की पार्टी की कोर कमेटी भंग, राहुल गांधी अध्यक्षता पर जारी किया ये बयान

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पहली बार हरक`त में है। पार्टी की कोर कमेटी भंग कर दी गई है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी महासचिव के।सी। वेणुगोपाल जल्द ही राज्य प्रभारियों की एक बैठक बुलाएंगे। इसमें आगे की रणनी!तियों पर चर्चा की जाएगी।

आपको बता दें कि कांग्रेस ने आगामी संसद सत्र के लिए रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार को एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बाद पार्टी की कोर कमेटी भं`ग कर दी गई।

हालांकि दूसरी तरफ, राहुल गांधी के इस्ती!फे की पेशकश को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर फिलहा!ल विरा!म लगाते हुए कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि गांधी पार्टी अध्यक्ष थे, हैं और आगे भी बने रहेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ए के एंटनी के मार्गदर्शन में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनौ!पचारिक बैठक के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने यह टिप्पणी की।

इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, हालांकि राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं थे। गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे से जुड़ी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने संवा!ददाताओं से कहा, ‘राहुल जी अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे। हममें से किसी को इस पर कोई संदेह नहीं है’।

यह पूछे जाने पर क्या गांधी का विकल्प तला!शा जा रहा है तो उन्होंने कहा, ‘इस सवाल का कोई मतलब नहीं है’। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करा!री हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी की कार्य समिति की बैठक में गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी और इसके बाद से इसको लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई थी कि वह कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था होगी।

पार्टी के वरिष्ठ नेता एंटनी के मार्गदर्शन में 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित पार्टी के वार रूम में हुई बैठक में अहमद पटेल, पी चिदबंरम, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा और सुरजेवाला शामिल हुए।

ये नेता लोकसभा चुनाव के लिए गठित पार्टी के कोर ग्रुप में शामिल थे। रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि इस अनौपचारिक बैठक में महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई।

लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी नेताओं के चयन से जुड़े सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा था और फिर कह रहा हूं कि पार्टी के संविधान के तहत संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी जी दोनों सदनों में नेताओं के चयन के लिए अधिकृत हैं। वह इस बारे में फैसला करेंगी’