बीजेपी के चार दिग्गज सवर्ण नेताओं के इस्तीफे से हिली मोदी सरकार, मचा हड़कंप

विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज हो गईं है। जिस चुनाव में टिकट की दावदारी कर रहे श्योपुर के भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल सहित तीन अन्य ने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे दिया है। केंद्र सरकार के लाए गए एससी-एसटी एक्ट के अध्यादेश के विरो!ध में उन्होंने यह इस्तीफा दिया।

वहीं,भाजपा नेता के इस्तीफे से सोशल मीडिया पर बहस भी छि!ड़ गई है। साथ ही एक साथ चार सवर्ण नेताओं के इस्तीफा की सूचना मिलते ही भाजपा की मोदी सरकार और प्रदेश की शिवराज सरकार सद’में में हैं,क्योकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन उससे पहले एससी एसटी एक्ट को लेकर इस तरफ इस्तीफा दिया जाने से भाजपा में खलबली मच गई है।

श्योपुर के भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल ने भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गर्ग को अपना इस्तीफा सौंप। जिसकी कॉपी उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेजी है। नरेश जिंदल ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय सुप्रीम कोर्ट की अवहे!लना और सरकार की मनमा!नी है। अपने इस्तीफे में जिंदल ने लिखा कि मप्र के मुख्यमंत्री ने माई का लाल वाला जो बयान दिया है वह बेहद गैर जिम्मेदा!राना और आ!हत करने वाला है।

सरकार की बात नहीं पहुंचा पा रहे नेता

सरकार की उपलब्धियों को लेकर आम जनता तक भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में नहीं पहुंचा पा रहे हैं। दूसरे कई ऐसे नेता हैं जो आपसी गुटबाजी के चलते जनता से संवाद स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। यह बात पार्टी की बैठकों में कई बार उठाई गई है।

साथ ही श्योपुर के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी नेता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ता अब तक निराश है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वह भाजपा की सरकार के कामकाज से वह संतुष्ट नहीं है। इसके साथ ही एससी एसटी को लेकर भी सवर्ण समाज के लोगों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है।

इस्तीफा देने में भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल,नगर उपाध्यक्ष कमलेश अग्रवाल,नगर कोषाध्यक्ष दीपक गर्ग,नगर मंत्री लक्ष्मण मंगल शामिल हैं। वहीं इस्तीफे की सूचना मिलते ही भाजपा में हडक़ंप मच गया है।